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भोपाल शहर के होटलों से सुबह पिकअप की सुविधा उपलब्ध है, जिसके बाद 48 किलोमीटर की दूरी तय करके सांची के लिए लगभग डेढ़ घंटे की ड्राइव होगी। ग्रामीण इलाकों के मनोरम दृश्यों का आनंद लें।
सांची स्तूप परिसर पहुंचें और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल का भ्रमण शुरू करें।
• महान स्तूप (स्तूप संख्या 1): इसके खूबसूरत प्रवेश द्वारों और जटिल नक्काशी को देखकर अचंभित हो जाएं।
• स्तूप संख्या 2 और स्तूप संख्या 3: ऐतिहासिक महत्व वाले छोटे स्तूप।
• अशोक स्तंभ: अपने प्रसिद्ध सिंह शीर्ष के लिए प्रसिद्ध स्तंभ।
• बौद्ध विहार और मंदिर: प्राचीन मठों का भ्रमण करें।
• सांची पुरातत्व संग्रहालय: मौर्य काल की कलाकृतियों को देखें (प्रत्येक शुक्रवार को बंद रहता है)।
अवधि: 2 घंटे
इसके बाद सांची से लगभग 13 किलोमीटर (लगभग 20-30 मिनट) की दूरी पर स्थित उदयगिरि गुफाओं के लिए ड्राइव करें।
उदयगिरि गुफाओं की खोज की शुरुआत गुप्त काल (चौथी-पांचवीं शताब्दी ईस्वी) की चट्टानों को काटकर बनाई गई गुफाओं को देखकर करें:
• गुफा 5: भगवान विष्णु द्वारा देवी पृथ्वी को बचाते हुए प्रसिद्ध वराह अवतार की मूर्ति।
• गुफा 6: इसमें भगवान विष्णु और देवी दुर्गा की सुंदर नक्काशी है।
• गुफा 1: भगवान शिव और गणेश की प्रतिष्ठित मूर्तियां।
• अन्य गुफाएँ: विभिन्न नक्काशी, शिलालेखों और समृद्ध प्रतीकों की प्रशंसा करें।
अवधि: 1.5–2 घंटे
उदयगिरि गुफाओं का भ्रमण करने के बाद, किसी अच्छे रेस्तरां में दोपहर के भोजन का आनंद लें।
इसके बाद विदिशा संग्रहालय के लिए ड्राइव करें, जो हर सोमवार को बंद रहता है और इसमें गुप्त और उत्तर-गुप्त काल की प्राचीन मूर्तियों, शिलालेखों और कलाकृतियों का एक समृद्ध संग्रह प्रदर्शित किया गया है, जो इस क्षेत्र की ऐतिहासिक और कलात्मक विरासत को उजागर करता है।
अवधि: 1 घंटा
बाद में, भोपाल में अपने होटल वापस लौटें, और इस तरह विरासत और सांस्कृतिक दिवस यात्रा समाप्त हो जाएगी।