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पहला दिन: बोधगया आगमन
आगमन: बोधगया पहुंचें (ट्रेन/फ्लाइट द्वारा)। होटल में चेक-इन के लिए स्थानांतरण।
दोपहर का दर्शनीय स्थल भ्रमण:
यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल महाबोधि मंदिर अवश्य देखें, यह वह स्थान है जहां भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था।
बोधि वृक्ष और उसके आसपास के क्षेत्र का अन्वेषण करें, जिसमें वज्रासन (हीरा सिंहासन) भी शामिल है।
पुरातत्व संग्रहालय का दौरा करें, जिसमें बौद्ध धर्म से संबंधित कलाकृतियाँ और अवशेष प्रदर्शित किए गए हैं।
शाम: महाबोधि मंदिर में होने वाली शांत संध्या प्रार्थनाओं के साक्षी बनें।
रात्रि प्रवास: बोधगया।
दूसरा दिन: बोधगया में स्थानीय दर्शनीय स्थलों की यात्रा
सुबह:
बौद्ध धर्म की विभिन्न स्थापत्य शैलियों का अनुभव करने के लिए थाई मठ, जापानी मंदिर और वियतनामी मठ की यात्रा करें।
भगवान बुद्ध को ध्यान मुद्रा में दर्शाने वाली 25 मीटर ऊंची विशाल बुद्ध प्रतिमा का अन्वेषण करें।
सुजाता कुटी, वह गाँव जाएँ जहाँ सुजाता ने बुद्ध को खीर अर्पित की थी।
दोपहर:
दुंगेश्वरी पहाड़ियों (महाकाला गुफाओं) की यात्रा, जहां बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति से पहले ध्यान किया था।
बोधगया लौटें और स्मृति चिन्ह खरीदने के लिए स्थानीय बाजारों का भ्रमण करें।
शाम: आराम का समय या ध्यान के लिए महाबोधि मंदिर में पुनः दर्शन।
रात्रि प्रवास: बोधगया।
तीसरा दिन: प्रस्थान
सुबह:
समय की अनुमति होने पर नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहर या राजगीर जैसे आस-पास के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण वैकल्पिक है।
होटल लौटें, चेक आउट करें और अपनी आगे की यात्रा शुरू करें।